अमेरिका और चीन के ट्रेड वॉर से भारत को फायदा

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 नई दिल्ली 
अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर से भारत को खासा फायदा हो रहा है। उसने चीन को एक्सपोर्ट करने के लिए 150 से ज्यादा प्रॉडक्ट्स की पहचान की है, जिन पर अमेरिकी सरकार ने सख्त पाबंदी लगाई है। भारत को इन सामान का निर्यात अमेरिका के मुकाबले सस्ते दाम में करने का भी फायदा मिल रहा है। चीन को भारत से जिन सामान का निर्यात बढ़ाया जा रहा है, उनमें डीजल इंजन, एक्स-रे ट्यूब, ऐंटीबायॉटिक, कॉपर ओर, ग्रेनाइट, इनवर्टर और कीटोन अहम हैं। 

डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स की तरफ से चीन को एक्सपोर्ट किए जाने वाले प्रॉडक्ट्स की पहचान के लिए जो इंटरनल स्टडी की गई है, उसकी जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया, 'चीन अमेरिका से ऐसे 100 से ज्यादा प्रॉडक्ट्स मंगाता रहा है, जिन्हें ट्रेड वॉर के बीच भारत उसे मुहैया करा सकता है। दरअसल, इंडिया को चीन के बाजारों में एक्सेस मिला हुआ है और इन प्रॉडक्ट्स के एक्सपोर्ट के मोर्चे पर इसका अमेरिका के साथ कॉम्पिटिशन भी है।' चीन ने अमेरिका से आने वाले ज्यादातर केमिकल्स पर 5-25% की इंपोर्ट ड्यूटी लगाई है जबकि इंडियन केमिकल्स पर सिर्फ 2-7% का इंपोर्ट टैरिफ है। 

चीन ने अमेरिका से आने वाले कॉपर कंसंट्रेट्स, ग्रेनाइट और इनवर्टर्स जैसे अहम प्रॉडक्ट्स पर 1 जून से 25% जबकि रिक्लेम्ड रबड़ से बननेवाले प्रॉडक्ट्स और टैप पार्ट्स पर 20% की ड्यूटी लगा दी है। दुनिया की दो सबसे तेज ग्रोथ वाली इकनॉमी, भारत और चीन एशिया पैसिफिक ट्रेड अग्रीमेंट की मेंबर्स हैं और ये 14 अन्य देशों के साथ रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप ट्रेड अग्रीमेंट के लिए बातचीत कर रही हैं। आधिकारिक सूत्र ने कहा, 'दोनों देशों के ट्रेड वॉर ने भारत को चीन में एक्सपोर्ट बढ़ाने का मौका दिया है।' 

भारत ने अमेरिका से चीन को बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट होने वाले 774 सामान में से 151 ऐसे प्रॉडक्ट्स की लिस्ट बनाई है जिसमें निर्यात बढ़ाए जाने के मौके बने हैं। सरकारी सूत्र ने बताया कि भारत के 600 से ज्यादा प्रॉडक्ट्स को चीन में एक्सेस हासिल है जिन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। भारत चीन में अपने फार्म और फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट के लिए मार्केट एक्सेस हासिल करने और ट्रेड वॉर के बीच वहां से मैन्युफैक्चरिंग बेस शिफ्ट करने की इच्छुक विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने की रणनीति बना रहा है। फिस्कल ईयर 2018 में चीन के साथ भारत का ट्रेड डेफिसिट रिकॉर्ड $53.6 अरब का था। 

सरकार ने ऐसे 531 प्रॉडक्ट्स की पहचान की है, जिन्हें अमेरिका चीन से मंगाता है और जिनका इंडिया से बड़े पैमाने पर ग्लोबल एक्सपोर्ट होता है। इनमें से 203 प्रॉडक्ट्स ऐसे हैं जिन्हें भारत चीन को टक्कर देते हुए अमेरिका को एक्सपोर्ट कर सकता है। अमेरिका ने $6.35 अरब के इंडियन एक्सपोर्ट्स को दी जा रही प्रेफरेंशियल ट्रीटमेंट को हाल ही में खत्म किया है जिसको देखते हुए भारत ने वहां बनने वाले 29 प्रॉडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला किया है।