अवैध रूप से संचालित हो रहे प्राइवेट विद्यालय

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शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से नियमो को ठेंगा दिखाते हुए चलाये जा रहा निजी विद्यालय

मामला पन्ना जिले के गुनौर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत लुहरगांव का
पन्ना–पन्ना जिले में शिक्षा विभाग की मिलीभगत से नियम कायदों को दरकिनार करते हुए अवैध रूप से निजी विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है,शिक्षा विभाग द्वारा नियम कायदों को दरकिनार करते हुए मात्र निरीक्षण की खानापूर्ति करने के बाद निजी विद्यालयों को मान्यता दे दी जाती है ।
लुहरगांव में अवैध रूप से संचालित सरदार वल्लभभाई पटेल माध्यमिक विद्यालय
गुनौर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लुहरगांव में सरदार वल्लभ भाई पटेल माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 9 वी और 10 वी की क्लास संचालित होना विद्यालय प्रबंधन के साथ साथ शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है कि जब विद्यालय की मान्यता 8 वी तक है तो फिर यह विद्यालय 9 वी और 10 वीं की क्लास अवैध रूप से कैसे संचालित कर रहा है ?

शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों द्वारा क्यों नहीं किया गया निरीक्षण
शासन द्वारा सरकारी एवं प्राइवेट विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों के निरीक्षण हेतु जन शिक्षक,जन शिक्षा केंद्र प्रभारी सहित जिला स्तर तक तमाम आला अधिकारी तैनात कर रखे है लेकिन इस तरह से अवैध विद्यालय का संचालन होना जिम्मेदार अमले की कर्तब्यनिष्ठा पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है ,कही यह जिम्मेदार अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन की मिलीभगत का खेल तो नहीं है।क्या जिला शिक्षा अधिकारी ,बी आर सी, बी ई ओ ,संकुल प्राचार्य के कार्यलयों के अधिकारी कर्मचारी केवल कुर्शी तोड़ते है या फिर वसूली कर इन निजी विद्यालयों को मनमानी करने की खुली छूट देते है।

सरदार वल्लभभाई पटेल माध्यमिक विद्यालय के संचालक ने दिया गोल मोल जवाब
सरदार वल्लभभाई पटेल माध्यमिक विद्यालय लुहरगांव के संचालक अजय कुमार पटेल से जब विद्यालय के 9 वी ,10 वीं क्लास के अवैध संचालन एवं स्कूल की अब्यवस्थाओ पर जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि 9 वी ,10 वीं के छात्र सरदार पटेल हाई स्कूल गुनौर में दर्ज है हम केवल यहाँ क्लास लगाते है।
स्कूल की अब्यवस्थाओ पर सफाई देते हुए अजय कुमार पटेल ने उल्टा जवाब देते हुए प्रशासनिक कार्यालयों पर फब्ती कसते हुए कहा कि मेरे यहाँ तो बहुत ब्यवस्था है एस डी एम और कलेक्टर के यहाँ भी अब्यवस्थाये जाकर देखिये वहां कितनी अब्यवस्था है।स्कूल में एल पी जी के 2 सिलेंडर रखे होने पर उन्होंने बताया कि यह सिलेंडर अभिभावक रख गए है।
शासकीय विद्यालयों में दर्ज है बच्चे
जब सरदार पटेल विद्यालय के संचालक से छात्रों के सम्बन्ध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह 9 वीं और 10 वीं के छात्र भिन्न भिन्न शासकीय विद्यालयों में दर्ज है कुछ छात्र शासकीय हायर सेकेंड्री विद्यालय लुहरगांव में दर्ज है तो कुछ हरीरा और श्यामरडांडा में दर्ज है ।
शासकीय विद्यालयों में दर्ज छात्रों का प्राइवेट विद्यालय में अवैध रूप से क्लास लगाया जाना शासकीय एवं प्राइवेट विद्यालयों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है ।

अब सवाल यह उठता है क्या स्कूल के एक कमरे में परदे लगाकर 3 क्लास लगाईं जा सकती है ?
क्या 8 वीं तक मान्यता लेकर 10वीं तक स्कूल संचालित की जा सकती है ?
क्या स्कूल में एल पी जी सिलेंडर रखे जा सकते है ?
क्या बिना सुविधायुक्त भवन,बिना खेल मैदान,बिना शौचालय और बिना पर्याप्त शैक्षणिक स्टाप के स्कूलों का संचालन किया जा सकता है ?