इलाज करने वाले ही हो रहे कोरोना पॉजिटिव

0
54

 
मुंबई

शहर में तेजी से बढ़ता नोवेल कोरोना वायरस आम लोगों के साथ हेल्थ वर्कर्स को भी अपनी जद में ले रहा है। सोमवार को जहां बीएमसी के ईएनटी (कान, नाक गला) अस्पताल के 13 कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि हुई, वहीं शिवडी स्थित टीबी अस्पताल में भी एक डॉक्टर और वॉर्ड बॉय में कोरोना की पुष्टि हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की देर शाम टीबी अस्पताल के एक डॉक्टर और एक वॉर्ड बॉय में भी कोरोना की पुष्टि हुई, जिसके बाद अस्पताल के 10 डॉक्टरों को क्वारंटीन करना पड़ा। इसके पहले अस्पताल में एक अन्य वॉर्ड बॉय कोरोना की चपेट में आया था, जिसके बाद अस्पताल के 70 लोगों को क्वारंटीन करना पड़ा था।

अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. ललित आनंदे ने कहा कि पिछले 4 दिन में अस्पताल में 3 कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं, जिसके कारण 80 लोगों को अलग-थलग किया गया है। एक साथ अस्पताल के इतने लोगों के क्वारंटीन होने से सेवाओं पर प्रभाव पड़ रहा, लेकिन वर्तमान की स्थिति के अनुसार कुछ किया भी नहीं जा सकता।

ईएनटी अस्पताल का स्टाफ पॉजिटिव
इसी तरह, चर्चगेट के पास बीएमसी के डेडिकेटेड ईएनटी अस्पताल में भी 13 कर्मचारियों में कोरोना हुआ है। अस्पताल की सुपरिटेडेंट डॉ. दीपिका माने ने बताया कि अस्पताल में पहले से ही कोरोना मरीजों को रखा गया है। अस्पताल के कुछ कर्मचारियों में लक्षण दिखने पर टेस्ट किया गया, तो 13 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए।

अब तक 275 हेल्थ वर्कर्स को कोरोना
मुंबई में अब तक 275 हेल्थ वर्कर्स में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक संख्या नर्सेज की है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक वोकहार्ट, जबकि उसके बाद जसलोक और भाटिया अस्पताल के कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि हुई है।

यह बेहद चिंतनीय है यह स्थिति
संक्रमण रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रांत शाह ने कहा कि कोरोना से लड़ने में सबसे आगे हेल्थ वर्कर्स ही हैं। यही कारण है कि इन लोगों में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। यह बेहद चिंतनीय है, क्योंकि अगर ऐसा होता रहा, तो इलाज के लिए डॉक्टर और मरीजों की देख-रेख करने के लिए नर्स की कमी हो जाएगी। सरकार को नायर की तरह कुछ और बड़े अस्पताल कोरोना के लिए डेडिकेट करने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक कोरोना मरीजों को कुछ ही जगहों पर रखा जाए, इससे बीमारी के प्रसार में कमी आ सकती है।