ऑनलाइन ठगी करने वाला मास्टर माइंड गिरफ्तार, लिंक भेज कर करता था पैसे ट्रांसफर

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ग्वालियर
सायबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए बनी राज्य साइबर सेल की ग्वालियर पुलिस ने  एक ऐसी अदृश्य ठगी का खुलासा किया है जो अभी तक बैंक, ई वॉलेट और पुलिस की नजरों से दूर था। ठगी करने वाला गिरोह शातिर तरीके से UPI लिंक भेजकर पैसे ट्रांसफर कर लेता था। खास बात ये है कि ठगी के इस धंधे में गिफ्ट कार्ड का उपयोग किया गया। पुलिस ने गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक सायबर सेल सुधीर अग्रवाल के मुताबिक़ उन्हें अप्रैल में एक शिकायत मिली जिसमें फोटोग्राफी की शॉप चलाने वाले शिवशंकर कुशवाह ने कहा कि उनके पास एक UPI लिंक क्यू आर कोड के माध्यम से आई और उन्होंने जैसे ही उसे स्कैन किया उनके खाते से पैसे ट्रांसफर हो गए। सायबर सेल ने जब लिंक की पड़ताल की तो पता चला कि  शिकायतकर्ता का पैसा ना ई वॉलेट में गया और ना किसी बैंक एकाउंट में । फिर लम्बे समय तक मेहनत करने के बाद पुलिस मुख्य आरोपी मनोज राठौर तक पहुँच गई। पुलिस भी चौंक गई क्योंकि इस ठगी में UPI लिंक के साथ गिफ्ट कार्ड को माध्यम बनाया गया था। पूछ ताछ में मनोज ने बताया कि उसने ये तरीका दुबई से सीखा है । वो कॉल कर लोगों से गिफ्ट कार्ड परचेज करने के लिए कहता और फिर पैसा ट्रांसफर कर लेता।

पूछ ताछ में पता चला कि मास्टर माइंड के तार देश के अन्य कई राज्यों से भी जुड़े हैं। ठगी करने के लिए Just Dial  के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर निकालता था।  शातिर ठग पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग – अलग राज्यों से कॉल और ट्रांसेक्शन करते हैं। खस बात ये है कि आरोपी मनोज ने  ठगी करने के लिए खुद True caller पर  इंडियन आर्मी के नाम से रजिस्टर्ड कर रखा था जिससे लोग उसपर विश्वास कर लें और आसानी से उसके झांसे में आ जाये।