कलेक्टर बंसल ने स्वीकारा- मुठभेड़ में मारे गए दो युवक नक्सली नहीं बल्कि सेमरडीह के आदिवासी थे

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धमतरी
 5 अप्रैल को करंजी नाला के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दोनों युवक नक्सली नहीं आम आदिवासी थे। प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में इसकी पुष्टि हो गई है। मुठभेड़ के बाद भास्कर टीम ने दोनों युवकों के गांव सेमरडीह जाकर पड़ताल की थी। परिजन और गांव के लोगों से बात करके बताया था कि दोनों युवक नक्सली नहीं थे, बल्कि ये शहद निकालने गए हुए थे।

इसके बाद कलेक्टर रजत बंसल ने जांच करने व रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी नगरी एसडीएम जितेंद्र कुर्रे को दी थी। करीब दो महीने चली जांच के बाद रिपोर्ट कलेक्टर को दे दी गई है। इसमें दोनों युवकों के नक्सली नहीं होने व आम आदिवासी होने की पुष्टि हुई है। खल्लारी थाना क्षेत्र के करंजी नाला के पास नक्सली और पुलिस फोर्स के बीच 5 अप्रैल को मुठभेड़ होने की बात कही गई थी।

7 अप्रैल को घटना स्थल से सहदेव (25) पिता सुखराम गोंड़ और बुधे उर्फ बोधूराम (25) पिता हीरालाल कमार के सड़े-गले शव मिले थे। इसके बाद भास्कर ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। बताया कि मरने वाले नक्सली नहीं है। कलेक्टर बंसल ने बताया कि नगरी एसडीएम ने रिपोर्ट में दर्ज किया है कि ग्रामीणों के बयान, मौके के हालात, परिजन से बातचीत के बाद ये स्पष्ट होता है कि क्रॉस फायरिंग में मारे गए थे। प्रशासन इन ग्रामीणों के परिवार को 5 लाख मुआवजा, और परिवार से एक आदमी को नौकरी देगा।