कश्मीर में पाक की ISI के नापाक मंसूबों को तगड़ा झटका है मसूद अजहर पर UN का बैन

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नई दिल्ली
जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को UN द्वारा 'वैश्विक आतंकी' करना कश्मीर घाटी में कुख्यात पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI (इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस) के नापाक मंसूबों के लिए भी तगड़ा झटका है। ISI जम्मू-कश्मीर में मुख्य तौर पर जैश की आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता आया है और एक रणनीति के तहत लश्कर-ए-तैयबा को पृष्ठभूमि में रखा था क्योंकि लश्कर और उसके सरगना हाफिज मोहम्मद सईद को लेकर उसे अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ सकता था। अब जैश सरगना के भी वैश्विक आतंकी घोषित होने के बाद ISI के लिए कश्मीर घाटी में जैश को आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है।

कश्मीर में अभी जैश के 60-70 आतंकी सक्रिय
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, घाटी में जैश-ए-मोहम्मद के फिलहाल 60 से 70 गुर्गे और काडर मौजूद हैं, जिनमें से करीब 2 तिहाई विदेशी आतंकी हैं। इसी तरह लश्कर-ए-तैयबा के भी इतने ही आतंकी जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हैं जिनमें से करीब आधे विदेशी और करीब आधे स्थानीय हैं।

एक इंटेलिजेंस ऑफिसर ने बताया, 'जैश ने कश्मीर में सबसे ज्यादा फिदायीन हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें भारी नुकसान हुआ है। इस वजह से स्थानीय कश्मीरी युवकों में इस आतंकी संगठन का प्रभाव बढ़ चुका है। आत्मघाती हमलों के इस दौर में घाटी के गुमराह युवा जैश के तरफ ज्यादा आकर्षित दिखते हैं।'

जैश की गतिविधियां होंगी प्रभावित, फंडिंग पर पड़ेगा असर
एजेंसियां मसूद अजहर के कथित तौर पर बीमार होने और उसकी किडनी फेल होने की रिपोर्ट्स से जैश के भीतर उसके असर और दबदबे पर कोई प्रभाव पड़ने से इनकार कर चुकी हैं। अधिकारी ने बताया, 'पहले वह वाकई अस्पताल में भर्ती था लेकिन आतंकी संगठन का चार्ज तब भी पूरी तरह से उसी के पास था। 14 फरवरी के पुलवामा आत्मघाती हमले समेत जम्मू-कश्मीर में सभी बड़े हमलों को लेकर उसी ने फैसले लिए थे।'

हालांकि, सूत्रों ने बताया कि मसूद अजहर के 'वैश्विक आतंकी' घोषित होने से जैश की गतिविधियां प्रभावित होंगी, खासकर उसकी फंडिंग प्रभावित होगी क्योंकि उसके अकाउंट या कोई भी फंड ट्रांसफर जो जैश से जुड़ा पाया गया, वह निगरानी में रहेगा और फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी।

घाटी में हाल के महीनों में मारे गए जैश के 2 दर्जन से ज्यादा आतंकी
एक अन्य इंटेलिजेंस ऑफिसर ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'भारतीय सुरक्षाबल कश्मीर में जैश के खिलाफ आक्रामकता के साथ काउंटर-टेरर ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं और इनमें हाल के महीनों में उसके 2 दर्जन से ज्यादा आतंकी और काडर मारे जा चुके हैं। इन सबका भी जैश की स्थिति और क्षमता पर असर पड़ा है।'