कांग्रेस सरकार को नींद से जगाने BJP ने आज किया प्रदेशव्यापी घंटानाद आंदोलन

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भोपाल
जनता से किए गए वायदे पूरे नहीं करने और जनहित की अनदेखी करने वाली बहरी कांग्रेस सरकार को नींद से जगाने के लिए भाजपा ने आज प्रदेशव्यापी घंटानाद आंदोलन किया। इसके लिए भाजपा नेताओं ने जिलों में कलेक्ट्रेट के समक्ष घंटा, घड़ियाल और मंजीरे बजाकर सरकार को जगाने का सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह व सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल में किया। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव जबलपुर में आंदोलन की अगुवाई के लिए पहुंचे।

भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने कहा कि प्रदेश के कुछ  स्थानों से धारा 144 लगाने की सूचनाएं हंै, जबकि हमारा आंदोलन पूर्व घोषित है और शांतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनता की हित की लड़ाई लड़ने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं। सड़क पर उतर संघर्ष करने के लिए यह शंखनाद है जो आगे भी चलता रहेगा। कांग्रेस ने जनता की दुर्गति करके रखी है। वह षड़यंत्र करने कुचलने की कोशिश में जुटी है जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।  सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला, बिजली का बिल आधा नहीं हुआ। प्रदेश की पहचान देश में उन्नत सड़कों के लिए होती थी, उन सड़कों की दुर्दशा हो गयी। कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही है, भ्रष्टाचार चरम पर है। कांग्रेस सरकार की सद्बुद्धि के लिए भारतीय जनता पार्टी सड़क पर उतरी है।

कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन के लिए कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा सीहोर, उमाशंकर गुप्ता मुरैना, भूपेंद्र सिंह ग्वालियर, माया सिंह शिवपुरी, जयभान सिंह पवैया अशोकनगर, जयंत मलैया दमोह, विजय शाह खरगोन के प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए। वहीं सांसद प्रभात झा सागर, केपी यादव गुना, वीरेंद्र खटिक टीकमगढ़, वीडी शर्मा छतरपुर, जनार्दन मिश्रा और एमएलए सीतासरन शर्मा रीवा, गणेश सिंह सतना, रीती पाठक सीधी, अजय प्रताप सिंह और हिमाद्री सिंह शहडोल, कैलाश सोनी व संपतिया उइके मंडला, ढाल सिंह बिसेन सिवनी, राव उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर, दुर्गादास उइके व हेमंत खंडेलवाल बैतूल, रमाकांत भार्गव व ध्रुवनारायण सिंह रायसेन, रोडमल नागर व आलोक संजर राजगढ़, नंदकुमार सिंह चौहान व शंकर लालवानी इंदौर, गजेंद्र पटेल बड़वानी, जीएस डामोर व रमेश मेंदोला झाबुआ, छतर सिंह दरबार व मोहन यादव धार, अनिल फिरोजिया व विक्रम वर्मा उज्जैन, महेंद्र सोलंकी व बंशीलाल गुर्जर शाजापुर, सुधीर गुप्ता मंदसौर, सत्यनारायण जटिया व चेतन कश्यप रतलाम में आंदोलन का नेतृत्व करने पहुंचे।