कार्यकर्ताओं को नहीं दी तवज्जो तो प्रभारी मंत्रियों को पड़ेगा भारी

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भोपाल
कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं देना प्रभारी मंत्रियों को भारी पड़ सकता है। एआईसीसी इस मामले में सख्त होने जा रहा है। एआईसीसी ऐसे मंत्रियों से सीधे सवाल-जवाब कर सकता है। इसे लेकर पिछले महीने प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने भोपाल में सभी मंत्रियों को चेता भी दिया था। अब इस संबंध में विस्तार से एआईसीसी के सामने जानकारी रखी जा सकती है। इसके बाद एआईसीसी एक्शन मोड में दिखाई दे सकता है।

सूत्रों की मानी जाए तो मंत्रियों द्वारा कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दिए जाने की शिकायतें दीपक बावरिया के साथ ही पार्टी की राष्ष्टÑीय अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के दफ्तर तक तेजी से पहुंच रही है। इन शिकायतों के चलते ही दीपक बावरिया ने पिछले महीने मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने ही मंत्रियों को चेताया था कि वे कार्यकर्ताओं को तवज्जो दें, उनकी सुने। उन्होंने प्रभारी मंत्रियों से जिलों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के भी निर्देश दिए थे।

कार्यकर्ताओं को तवज्जो दिए जाने का वादा पार्टी के तत्कालीन राष्टÑीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने किया था। विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि यदि किसी मंत्री का गेट कार्यकर्ताओं के लिए बंद हुआ तो उस मंत्री की दस मिनट के भीतर छुट्टी कर दी जाएगी। राहुल गांधी के उस बयान को अब असरकारक बनाने के लिए सभी प्रभारी मंत्रियों की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सूत्रों की मानी जाए तो जो प्रभारी मंत्री कार्यकर्ताओं की बैठक नहीं कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को हल करवाने के प्रयास पुरजोर तरीके से नहीं कर रहे हैं, उनको एआईसीसी सीधे हिदायत दे सकता है। इस संबंध में उनसे पत्र लिखकर जवाब मांग सकता है। साथ ही भविष्य में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नहीं करने की चेतावनी भी दे सकता है।

बावरिया के निर्देश पर भोपाल के प्रभारी मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कुछ दिन पहले ही जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक ली थी, इस बैठक में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद थे। इसी तरह अन्य जिलों के प्रभारी मंत्रियों को भी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठक करना है।

सूत्रों की मानी जाए तो जिला प्रभारी मंत्रियों द्वारा कार्यकर्ताओं की बैठक की जानकारी दीपक बावरिया को दी जाएगी। यह जानकारी वे एआईसीसी को भेंजेंगे। इस बैठक में कार्यकर्ताओं द्वारा उठाई जाने वाली वास्तविक समस्याओं के हल को लेकर क्या प्रयास किए गए यह भी बताया जाएगा। इस जानकारी को बावरिया अपने अनुसार क्रॉसचेक भी करवा सकते हैं। वे जिला अध्यक्ष और अन्य नेताओं से प्रभारी मंत्रियों की जानकारी ले सकते हैं।