जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी सासंद ने ऐसा क्या कहा कि मांगनी पड़ी माफी…

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 वाशिंगटन
 
अमेरिकी कांग्रेस के एक सदस्य टॉम सुओजी ने कश्मीर पर विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ को लिखे गये पत्र के संबंध में भारतीय समुदाय के लोगों से चर्चा नहीं करने के लिए माफी मांगी है। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त करने संबंधी भारत के फैसले के बाद कश्मीर में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर करने के वास्ते पोम्पिओ को पत्र लिखने से पहले चर्चा नहीं करने के लिए सुओजी ने भारतीय-अमेरिकी लोगों से माफी मांगी। उन्होंने पोम्पिओ को नौ अगस्त को पत्र लिखा था।

सुओजी ने अपने पत्र में कहा था, ''राज्य की स्वायत्तता और कश्मीरियों के अधिकारों पर ये नए प्रतिबंध चरमपंथियों और आतंकवादियों को कार्रवाई करने के लिए भी उकसा सकते है। इस पत्र को लेकर कई भारतीय-अमेरिकी खफा हो गये थे। सुओजी न्यूयॉर्क के जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं वहां पर बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। 

सुओजी ने भारतीय अमेरिकी लोगों की एक आपात बैठक बुलाई जिसमें भारतीय समुदाय के 100 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया और उन्होंने उनसे अपना पत्र वापस लिये जाने की मांग की। सुओजी ने एक बयान में कहा, ''कश्मीर में हाल के घटनाक्रमों के बारे में अपनी चिंता जाहिर करने के लिए पोम्पिओ को लिखे मेरे पत्र के संबंध में मैंने रविवार को अपने 100 भारतीय-अमेरिकी सदस्यों से मुलाकात की।

उन्होंने कहा, ''यह स्पष्ट है कि पत्र भेजने से पहले अपने भारतीय-अमेरिकी मित्रों और समर्थकों से चर्चा नहीं करना मेरी एक गलती थी। मुझे ऐसा करना चाहिए था। मैं क्षमा चाहता हूं। अगर मैं पत्र भेजने से पहले उनसे मिला होता, तो मैं अपनी चिंताओं को अलग तरह से बताता।

सुओजी ने कहा, ''भारत, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा शांति के लिए यह देश महत्वपूर्ण है। कश्मीर में मौजूदा स्थिति कई गंभीर चुनौतियां पेश करती है। अमेरिका को सभी लोगों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने में सहायक बनना चाहिए।