ट्रंप का दावा भारत ने किया खारिज, सुनाई खरी-खरी

0
15

वॉशिंगटन 
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर मध्यस्थता वाले बयान को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई प्रतिक्रिया में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से ऐसी कोई गुजारिश नहीं की है। इसके साथ ही भारत ने कश्मीर मुद्दे पर अपन पुराने रुख को दोहराते हुए कहा है कि भारत-पाक के बीच लंबित मुद्दों पर द्विपक्षीय चर्चा ही होनी चाहिए। 
सभी कॉमेंट्स देखैंअपना कॉमेंट लिखेंभारत ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस दावे से इनकार किया कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान के साथ कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए उन्हें मध्यस्थता करने को कहा था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दो ट्वीट करते हुए इस पर भारत का रुख साफ किया। उन्होंने कहा, 'हमने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रेस को दिए उस बयान का देखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि भारत और पाकिस्तान अनुरोध करते हैं तो वह कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया है।' 

उन्होंने कहा कि भारत का लगातार यही रुख रहा है कि पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों पर केवल द्विपक्षीय चर्चा की जाए। कुमार ने दूसरे ट्वीट में कहा, 'पाकिस्तान के साथ किसी भी बातचीत के लिए सीमापार आतंकवाद पर रोक जरूरी होगी। भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दों के द्विपक्षीय रूप से समाधान के लिए शिमला समझौता और लाहौर घोषणापत्र का अनुपालन आधार होगा।' 
ट्रंप ने की कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश 
इससे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ बैठक में ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ हाल में हुई बैठक के दौरान उन्हें उनसे (मोदी) ऐसा करने का अनुरोध मिला था। बता दें कि पाकिस्तान पीएम इमरान खान से वाइट हाउस में ट्रंप ने पहली बार मुलाकात हुई, जहां दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की। 

मुलाकात के दौरान इमरान ने ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर दखल देने की मांग की। इमरान खान ने कहा, 'मैं प्रेजिडेंट ट्रंप से कहना चाहता हूं कि अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है और वह उपमहाद्वीप में शांति में अहम योगदान दे सकता है। कश्मीर मुद्दे का समाधान दे सकता है। मेरा कहना है कि हमने भारत के साथ बातचीत को लेकर हर प्रयास किया है।' 
मध्यस्थता पर ट्रंप ने क्या कहा 
इस पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'दो सप्ताह पहले पीएम नरेंद्र मोदी से मेरी बात हुई थी। हमारी इस मुद्दे पर बात हुई थी और उन्होंने कहा था कि क्या आप मध्यस्थ हो सकते हैं। यह मुद्दा बीते 70 साल से लटका हुआ है और हमें खुशी होगी यदि हम इसमें कोई मध्यस्थता कर सके।' ट्रंप ने कहा कि इस मुद्दे का हल होना चाहिए। कश्मीर दुनिया के सबसे खूबसूरत इलाकों में से एक है, लेकिन हिंसा से जूझ रहा है। 

वाइट हाउस की रिलीज में कश्मीर का जिक्र नहीं 
हालांकि वाइट हाउस की तरफ से दोनों नेताओं की मुलाकात के संबंध में जारी प्रेस रिलीज में कश्मीर मुद्दे की बात नहीं है। इस रिलीज में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप पाकिस्तान के साथ उन मुद्दों पर सहयोग के लिए काम कर रहे हैं, जो दक्षिण एशिया क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और खुशहाली के लिए अहम हैं। 

वाइट हाउस की प्रेस रिलीज
ट्रंप ने इमरान से कहा, 'मुझे लगता है कि वे (भारतीय) इसे हल होते हुए देखना चाहेंगे। मुझे लगता है कि आप भी इसका हल होते हुए देखना चाहेंगे। अगर मैं इसमें कोई मदद कर सकता हूं तो मैं एक मध्यस्थ बनना पसंद करूंगा। यह होना चाहिए। हमारे पास दो ऐसे देश हैं, जो होशियार नेतृत्व के साथ बहुत होशियार हैं, लेकिन अगर आप चाहते हैं कि मैं मध्यस्थता करूं, तो मैं ऐसा करने को तैयार हूं।'