डॉक्टर करेंगे सोमवार को देशव्यापी हड़ताल 

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नई दिल्ली/कोलकाता 
पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के साथ हुए हिंसा के खिलाफ दिल्ली मेडिकल असोसिएशन (DMA) और इंडियन मेडिकल असोसिएशन (IMA) ने भी समर्थन दिया और इसकी निंदा करते हुए 17 जून को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की। इससे पहले डीएमए के आह्वान पर दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में भी शुक्रवार को ओपीडी प्रभावित रहा। डीएमए के सेक्रेट्री डॉक्टर अरविंद चोपड़ा ने दावा किया कि अपोलो, मैक्स, गंगाराम, फोर्टिस, माता चानन देवी, महाराजा अग्रसेन, एक्शन बालाजी जैसे अस्पतालों ने भी इसका समर्थन करते हुए अपने यहां ओपीडी बंद रखी है। 
 
देश के 19 राज्यों के डॉक्टरों ने एक साथ मिलकर 17 को पैन इंडिया स्ट्राइक की घोषणा की है और इसकी जानकारी सभी ने अपने-अपने राज्यों को दे दी है। आरडीए के एक प्रतनिधिमंडल ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी हैं। इस बारे में बात करते हुए डॉक्टर मनु गौतम ने कहा कि हर बार की तरह हम इस बार आश्वासन पर चुप नहीं रह सकते। 

उन्होंने कहा, 'मैं खुद के मार खाने का इंतजार नहीं कर सकता। अगर इन दो दिनों में सरकार कुछ नहीं करती है तो 17 को पूरे देश में सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। ओपीडी, इमरजेंसी, वॉर्ड, सर्जरी कुछ नहीं चलेगा। इसके बाद भी सरकार ने हमारी मांगों को नहीं सुना तो हम 19 जून से अपने मेडिकल रजिस्ट्रेशन तक सौंपने पर विचार कर सकते हैं।' 

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल अभी खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। डॉक्टरों ने राज्य की सीएम ममता बनर्जी के बातचीत के आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। इस बीच, 100 से ज्यादा डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में देश की सबसे बड़ी संस्था इंडियन मेडिकल असोसिएशन (IMA) भी आ गया है। IMA ने कहा है कि प्रदर्शन में काले बैज बांधना, धरना, शांतिपूर्ण मोर्चा शामिल होगा। आईएमए ने इस दिशा में अन्य मेडिकल संगठनों से भी साथ आने की अपील की है। आईएमए ने देश भर की स्वास्थ्य संस्थाओं से सोमवार को सभी तरह (इमर्जेंसी को छोड़) की सेवाएं बंद करने को कहा है। 

आईएमए के सेक्रेटरी जनरल आरवी अशोकन ने कहा, 'आईएमए डॉक्टर परिबाहा मुखर्जी के खिलाफ हुई हिंसा की घटना की निंदा करता है और राज्य सरकार ने उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई करने की मांग की है। रेजिडेंट डॉक्टरों की सभी वाजिब मांगें बगैर किसी शर्त की मानी जानी चाहिए।' 

डॉक्टरों ने रखी है 6 शर्त 
आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने ममता बनर्जी से बिना किसी शर्त के माफी की मांग की है। अपनी 6 मांगों में डॉक्टरों ने कहा कि सीएम को घायल डॉक्टरों का हालचाल जानने हॉस्पिटल जाना होगा और उनके ऑफिस को अधिकारिक बयान जारी कर हमले की निंदा करनी होगी। डॉक्टरों ने रेजिडेंट डॉक्टर पर हमला करने वालों के खिलाफ हुई कार्रवाई के अधिकारिक दस्तावेज देने की मांग की है। उन्होंने डॉक्टरों के खिलाफ सभी मामलों को बिना शर्त वापिस लेने की मांग की है। डॉक्टरों ने आधारभूत इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की मांग के साथ डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। 

'इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं ममता' 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर कहा कि पश्चिम बंगाल की इस घटना से पूरे देश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने साथ ही कहा कि हमारी सरकार डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे प्रतीकात्मक विरोध के साथ कर्तव्य निर्वाहन करें। उन्होंने कहा, 'एक डॉक्टर होने के नाते मैं आपकी परेशानी को बखूबी समझता हूं।' 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों को बुरी तरह से पीटे जाने के बावजूद उन्होंने सिर्फ सीएम से यही कहा कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए और हिंसा में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन ऐसा करने की जगह उन्होंने (सीएम ने) डॉक्टरों को चेतावनी और अल्टीमेटम दे दिया, जिससे देशभर के डॉक्टरों में नाराजगी फैल गई और वे हड़ताल पर चले गए। 

देश के दूसरे हिस्सों में भी विरोध 
पश्चिम बंगाल से शुरू हुई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आज देश के दूसरे हिस्सों तक आ पहुंची है। डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह दिल्ली में एम्स और सफदरजंग में नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया। इससे दूर-दराज से आए मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि पुराने मरीजों के लिए ओपीडी खुली है।