देखिए, गाँधीसागर बांध की उफनती लहरें, हाई अलर्ट पर प्रशासन।

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मंदसौर भारी बारिश के चलते गांधी सागर बांध की लहरें समुद्र की तरह उफान पर हैं।गाँधीसागर के केचमेंट एरिया में पानी की आवक लगभग 16 लाख क्यूसेक बनी हुई है, जबकि गेट से मात्र 5 लाख क्यूसेक के लगभग ही पानी की निकासी की जा सकती है। गांधी सागर ताजा अपडेट 1300000 क्यूसेक पानी आ रहा है और मात्र 500000 क्यूसेक पानी निकल रहा है।गांधी सागर को हाई अलर्ट पर रख दिया है तथा सभी पर्यटकों का आना प्रतिबंधित कर दिया है।

गांधीसागर बांध जिला मुख्यालय से 168 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। डैम का निर्माण चंबल नदी पर किया गया है। जिले में गांधी सागर बांध / पावर स्टेशन के निर्माण का आधारशिला प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 7 मार्च, 1954 को रखी गई थी। बिजली स्टेशन में 1957 में काम शुरू किया गया था, जबकि बिजली उत्पादन और इसका वितरण नवंबर, 1960. गांधी सागर बांध और पावर स्टेशन के निर्माण पर कुल खर्च लगभग रु 18 करोड़ 40 लाख।

गांधी सागर पावर स्टेशन 65 मीटर लंबा और 56 फीट चौड़ा है। पावर स्टेशन में 23 मेगा वाट क्षमता की पांच टरबाइन हैं, इस प्रकार कुल स्थापित क्षमता 115 मेगा वाट है।

गांधी सागर पावर स्टेशन अब पूरे जिले में बिजली की आपूर्ति करता है। जिले में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के अलावा, इस बिजली घर से बिजली मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य में दूर दूर तक सप्लाई की जाती है।