दोबारा क्यों होता है हार्ट फेल, आरएमएल अस्पताल कर रहा रिसर्च

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 नई दिल्ली
केंद्र सरकार का डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल इन दिनों एक रिसर्च में व्यस्त है, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि एक बार हार्ट फेल होने पर व्यक्ति को पूर्ण इलाज देने के बाद दूसरी बार हार्ट फेल क्यों हो जाता है? इसके पीछे क्या कारण हैं, कैसे दूसरी बार होने वाले हार्ट फेल से बचा जा सकता है, इससे बचने के लिए किन संसाधनों या दवाओं की जरूरत है, इस रिसर्च में इन सवालों के जवाब ढूंढने का काम चल रहा है। यह रिसर्च 100 लोगों पर की जा रही है, जिसे अस्पताल का कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट कर रहा है। यह रिसर्च पिछले कुछ महीनों से चल रही है और अगस्त मध्य तक इस नतीजे आने की बात कही जा रही है। 
 
अस्पताल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. नीरज पंडित का कहना है कि अस्पताल में कई बार ऐसे पेशंट आते हैं जिनका एक से ज्यादा बार हार्ट फेल हो चुका है। पहली बार हार्ट फेल होने पर उन्हें अस्पताल में ऐडमिट किया गया, पूरा इलाज दिया गया, दवाएं चलाई गईं लेकिन कुछ साल बीतने पर व्यक्ति का दोबारा हार्ट फेल हो गया। फिर उन्हें दोबारा से अस्पताल में ऐडमिट किया जाता है और इलाज किया जाता है। कई केस में एक से ज्यादा बार हार्ट फेल होता है लेकिन इसके पीछे कारण क्या है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। अभी तक केवल खाने-पीने, खराब जीवनशैली आदि को इसका कारण बताया जाता है लेकिन यह बेहद छोटे कारण हैं, असल वजह अलग है और यही जानने के लिए यह रिसर्च चल रही है। बीते कुछ महीनों से कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स 100 लोगों पर यह रिसर्च कर रहे हैं और अगस्त मध्य तक इसके नतीजे पब्लिक के सामने पेश किए जाएंगे। 

यह लोग हैं रिसर्च में शामिल 
डॉ. नीरज पंडित का कहना है कि इस रिसर्च में हार्ट फेल के 100 पेशंट्स शामिल किए गए हैं। इनकी उम्र 18 से 70 साल के बीच की है लेकिन ज्यादातर लोग 50 साल से ऊपर की आयु के हैं। हालांकि 18 साल या इसके आसपास की उम्र के बेहद कम लोग होते हैं जिन्हें हार्ट फेल या कोई अन्य हार्ट डिजीज हो। इसके लिए एक थिअरी भी तैयार की जा रही है ताकि आने वाले समय में दूसरे रिसर्चर्स के लिए वह उपयोगी हो। 

बीच में ही छोड़ देते हैं दवा 
उनका कहना है कि एक से ज्यादा बार हार्ट फेल होने के पीछे एक कारण बीच में दवा छोड़ना है। अक्सर जिन लोगों को हार्ट फेल के बाद दवाएं दी जाती हैं, वह बीच में ही इसे खाना छोड़ देते हैं जिसके चलते बीमारी से पूरी तरह निदान नहीं मिल पाता। इससे दोबारा हार्ट फेल होने के चांस हो जाते हैं लेकिन इसके अलावा भी कई अन्य कारण हैं जो इसके जिम्मेदार हैं।