भारत की दो टूक, इमरान के कबूलनामे के बाद आतंकियों का सफाया करे पाक

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नई दिल्ली         
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर मान लिया कि पाकिस्तान में आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप हैं और उन्हें प्रशिक्षित कर कश्मीर में लड़ाई के लिए भेजा जाता है, तो अब वक्त आ गया है कि इनके खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई की जाए. विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के आधिकारिक क्षेत्र में चलने वाले आतंकी कैंपों का सफाया होना चाहिए.
 
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इमरान खान के बयान पर कहा, यह पहली बार नहीं है जब ऐसी स्वीकारोक्ति सामने आई है. प्रधानमंत्री इमरान खान ऐसा पहले भी मान चुके हैं. अब जब प्रधानमंत्री खुद ऐसी बात कह रहे हैं तो जरूरी है कि आतंकियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो. हमें ऐसा लगता है कि विश्व बिरादरी या कुछ लोगों को दिखाने के लिए आधी अधूरी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. हर हाल में आतंकियों का सफाया जरूरी है.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर के ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल न होने के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि 'हमें ऐसा लगता है कि मंत्री (विदेश) की पहले से तय कुछ जिम्मेदारियां हैं और जनरल वीके सिंह ने विदेश राज्यमंत्री के तौर पर लैटिन अमेरिकी मुद्दों को पूर्व में अच्छी तरह निपटाया है, इसलिए वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.'

क्या जी7 सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत की कोई वार्ता होगी? इसके जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि 'फिलहाल ऐसी कोई वार्ता के बारे में कुछ भी कंफर्म नहीं कर सकते.'

कुलभूषण जाधव के मसले पर विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले के मुताबिक कुलभूषण जाधव को जितनी जल्दी हो सके राजनयिक पहुंच दिलाई जाए. इस संबंध में हमलोग पाकिस्तानी अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और जैसे ही कुछ अपडेट मिलेगा, हम बताएंगे.'

ब्रिटेन में ग्रेस जहाज के पकड़े जाने के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, जहाज के 24 क्रू मेंबर को राजनयिक पहुंच बीते दिन मिल गई थी. हमने उनसे (ब्रिटेन) कहा है कि सभी क्रू मेंबर को छुड़ाने और भारत लाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं. स्टर्ना इम्पेरो के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजनयिक पहुंच की मांग की गई है और उम्मीद है यह जल्दी मिल जाएगी