रहली जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुडई मैं अनियमितताओं का ढेर लगा हुआ है

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रहली

जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुडई मैं अनियमितताओं का ढेर लगा हुआ है इस पंचायत भवन की हालत इतनी जर्जर हो गई है कि जहां पर लोगों को बैठने के लिए जगह होती है वहां पर कचरा उग आया है खिड़की टूट गई है इतना ही नहीं लाखों का घपला करने वाली यह पंचायत गेटो के लिए ताला नहीं जुटा पाई है गेटो मे ताले की जगह लकड़ी लगी हुई है

इस पंचायत में सामुदायिक भवन स्वीकृत हुआ था 26 जनवरी 2019 को जिसमें सरपंच सचिव ने मिलकर तीन लाख 99 हजार 979 रुपया निकाल लिए हैं 2019 को लेकिन अभी तक भवन का काम शुरू नहीं किया गया क्योंकि महोदय को भवन बनाने के लिए पूरी पंचायत में कहीं जगह नहीं थी इस संबंध में पंचायत सचिव संतोष से बात की तो उनका कहना था कि बरसात होती रही है इसके कारण भवन नहीं बन पाया है अब आप सो जाइए जरा कि जहां गर्मी में आदमी पानी पीने के लिए परेशान होता है वहीं पर सबसे महोदय बता रहे हैं कि पानी के कारण काम नहीं हो पाया है लेकिन पैसे निकालकर सामग्री खरीदी गई लेकिन महोदय की 5 महीने में एक भी ईंट नहीं लग पाई

अब सवाल यह उठता है कि जब 5 माह पहले पैसे निकाले गए हैं फिर उन्होंने किसी संबंधित अधिकारी से जानकारी दी है क्या या फिर किसी अधिकारी ने काम का ब्यौरा लिया क्या या फिर मिलीभगत रही अधिकारियों की|

फिर 2016 में एक आंगनबाड़ी स्वीकृत होती है 7 लाख 80 हजार से उस आंगनबाड़ी के दो लाख ₹137 निकाल लिए जाते हैं और आंगनबाड़ी भवन को अधूरा छोड़ दिया जाता है वर्तमान में आंगनबाड़ी पंचायत भवन में लगाई जाती सरपंच और सचिव है लापरवाह
साथ जिम्मेदार अधिकारी भी इसकी करें जांच
3 साल से अधूरी 3 आंगनबाड़ी

सीसी रोड स्वीकृत होता है चार लाख 76 हजार रुपए का जिसमें से चार लाख ₹40 निकाल लिए जाते हैं लेकिन उस रोड का काम अभी तक नहीं लगाया जाता है वह रोड जब इसके संबंध में पूछा गया तो सचिव महोदय का कहना था कि सामान के लिए पैसे निकाले हैं लेकिन जब 2 फरवरी 2019 को पैसे निकाल लिए जाते हैं और सामान लाया जाता है तो फिर काम क्यों नहीं हुआ है

फिर इसके बाद 11 नवंबर 2015 में पंचायत भवन की मरम्मत के लिए ₹90000 स्वीकृत होते हैं लेकिन आप वीडियो में देख सकते हैं पंचायत भवन की हालत ना तो इस पंचायत भवन की खिड़कियां सही है और ना ही पंचायत में लगे हुए टाइल्स दीवार इन जर्जर हो चुकी है आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी सचिव और सरपंच ने मिलकर

सवाल यह उठता है कि पंचायत की मरम्मत क्यों नहीं हुई

आखिर कहां गया वह पंचायत में स्वीकृत हुआ ₹90000 रुपिया

वाइट ( 1)पंचायत सचिव संतोष आदिवासी

(2)आंगनबाड़ी सहायिका