रात में लाइट जलाकर या टीवी ऑन छोड़कर सोने से बढ़ता है मोटापा

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अगर आप देर रात तक टीवी देखते हैं या टीवी ऑन छोड़कर ही सो जाते हैं या फिर लाइट जलाकर सोते हैं तो यह आपकी फिटनेस के लिए खतरा हो सकता है। कृत्रिम रोशनी आपके मेटाबॉलिज्म पर असर डालती है जिससे वजन बढ़ता है, मोटापा बढ़ता है और कई दूसरी तरह की समस्याएं भी हो सकती हैं।

कृत्रिम रोशनी में सोने से मोटापा बढ़ने का खतरा
एक अध्ययन में पता चला है कि रात को कृत्रिम रोशनी यानी आर्टिफिशल लाइट में सोने वाले लोगों खासकर महिलाओं में मोटापा बढ़ने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। द नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ स्टडी में प्रकाशित इस स्टडी के नतीजे पुख्ता सबूत तो नहीं हैं लेकिन इस बात की ओर इशारा जरूर करते हैं कि रात के वक्त रोशनी के एक्सपोजर में रहने से सेहत को कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है। इस स्टडी में रात को सोते समय कृत्रिम रोशनी और महिलाओं का वजन बढ़ने के बीच संबंध का पता लगाया गया है।
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कृत्रिम रोशनी और वजन बढ़ने के बीच संबंध
शोध के नतीजों से निष्कर्ष निकला कि सोते समय लाइट बंद करने से महिलाओं के मोटे होने की संभावना कम हो सकती है। अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान ने सिस्टर स्टडी में 43 हजार 722 महिलाओं के प्रश्नावली डेटा का इस्तेमाल किया जिसमें ब्रेस्ट कैंसर और अन्य बीमारियों के लिए खतरे वाली चीजों का अध्ययन किया गया। प्रश्नावली में यह पूछा गया कि क्या महिलाएं बिना किसी रोशनी, हल्की-सी रोशनी, कमरे के बाहर से आ रही रोशनी या कमरे में टीवी की रोशनी में सोती हैं। इस सूचना का इस्तेमाल कर वैज्ञानिक मोटापे और रात में कृत्रिम रोशनी में सोने वाली महिलाओं के वजन बढ़ने के बीच संबंध का अध्ययन कर पाए।

रात में अंधेरा करके ही सोना शरीर के लिए बेहतर
इस स्टडी के लीड ऑथर डेल सैंडलर कहते हैं, पारंपरिक रूप से देखा जाए तो हमें रात के वक्त अंधेरे में ही सोना चाहिए। इस बात पर ध्यान देना बेहद जरूरी है वरना सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हर दिन रोशनी और अंधेरे में हमारा शरीर जब होता है तो उसी के हिसाब से शरीर का बॉडी क्लॉक 24 घंटे के लिए काम करता है। इस दौरान शरीर का मेटाबॉलिज्म, नींद को बढ़ावा देने वाले हॉर्मोन, ब्लड प्रेशर और दूसरी क्रियाएं भी सही तरीके से काम करती हैं।