लोकसभ चुनाव: कमलनाथ-राकेश की प्रतिष्ठा का चुनाव, कल 6 सीटों पर वोटिंग

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जबलपुर
लोकसभ चुनाव के चौथे चरण में कल होने वाले मतदान में प्रदेश की राजनीति की दो प्रमुख ताकतों के प्रभाव की परीक्षा है। ये दोनों हैं, मुख्यमंत्री और पीसीसी मुखिया कमलनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह। राकेश सिंह के सामने कांग्रेस की अग्रपंक्ति के नेता व देश के नामी वकील विवेक तन्खा चुनौती बन के खड़े हैं। वहीं छिंदवाड़ा में कमलनाथ को अपने बेटे नकुलनाथ को जिता कर अपना रसूख कायम रखने की चुनौती है। कमलनाथ को विधायक बनाने के लिए भी कल ही वोट डाले जाएंगे। 

इनके बीच है मुकाबला
सीट              भाजपा                    कांग्रेस
जबलपुर        राकेश सिंह               विवेक तन्खा
छिंदवाड़ा        नत्थन शाह              नकुल नाथ
मंडला            फग्गन सिंह कुलस्ते  कमल मरावी    
शहडोल         प्रमिला सिंह              हिमाद्री सिंह
सीधी            अजय सिंह राहुल        रीति पाठक
बालाघाट       ढाल सिंह बिसेन        मधु भगत

राकेश सिंह और कमलनाथ दोनों के लिए कल का मतदान बेहद महत्वपूर्ण है। चुनाव परिणाम न सिर्फ महाकोशल बल्कि प्रदेश और देश की राजनीति में भी कमलनाथ-राकेश सिंह का सियासी ओहदा सिद्ध करने वाला होगा। यही कारण है कि जबलपुर-छिंदवाड़ा के चुनाव में पूरे देश की नजर लगी हुर्इं हैं।

जबलपुर और सीधी, इन दोनों सीटों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभाएं कीं हैं। सीधी में पार्टी प्रत्याशी रीति पाठक को टिकट दिए जाने को लेकर काफी असंतोष था। यहां तक कि संगठन की ओर से इस्तीफे भी हुए थे। कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने पार्टी ने नमो अस्त्र चलाया। जबलपुर में भी पीएम की सभा हुई। यहां राहुल गांधी भी आए। राहुल की सभा ग्रामीण क्षेत्र तो पीएम की शहरी क्षेत्र में की गई। 

कल होने वाले चुनाव बगावत के कारण भी चर्चा में हैं। बालाघाट में टिकट न मिलने से नाराज सांसद बोध सिंह भगत बगावत करते हुए मैदान में हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी ढाल सिंह बिसेन से कहीं अधिक पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। मंडला में आदिवासी नेता फ ग्गन सिंह कुलस्ते के भाग्य का फैसला भी ये चुनाव करने वाले हैं। छिंदवाड़ा में यदि कांग्रेस फतह करती है तो देश की राजनीति को एक युवा चेहरा मिलेगा।