शूटर प्रीति ने फिनलैंड में जीता सिल्वर

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इटारसी
 17 वर्षीय शॉटगन शूटर प्रीति रजक अभी फिनलैंड में है। 10वें इंटरनेशनल कप शॉटगन शूटिंग में प्रीति ने भारत का नेतृत्व करते हुए रजत पदक पाया। देर शाम इटारसी की न्यास कॉलोनी में अपने घर काॅल कर कहा – मम्मी, मुझे सिल्वर मेडल मिल गया है। गोल्ड मेडल लेने में दो पाइंट से चूक गए। लेकिन मेरा पहला इंटरनेशनल कांपिटिशन बेस्ट रहा। प्रीति निशानेबाजी में पहली बार विदेश गई हैं।

जयपुर में हुए ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन कर भारतीय टीम में जगह बनाई। प्रीति महावीर जैन हायर सेकंडरी स्कूल में 12वीं की काॅमर्स स्टूडेंट हैं। फिनलैंड के लिए चयन के बाद दिल्ली में हुए ट्रायल में प्रीति फिर से इंडिया शूटिंग टीम में दूसरे नंबर पर आ गईं।

प्रीति की बड़ी बहन शैफाली भी शॉटगन शूटर
प्रीति के पिता दीपक रजक की ड्राई क्लीन शॉप और मां ज्योत्सना रजक सोशल वर्कर हैं। बड़ी बहन शैफाली भी इंटरनेशनल शॉटगन शूटर है। अब प्रीति ने फिनलैंड में सिल्वर हासिल किया है। मां ज्योत्सना रजक के मुताबिक बेटियों के सपने को समझना जरूरी है। हमें उम्मीद थी प्रीति कुछ न कुछ जरूर हासिल करेगी। शाम लगभग 7.30 बजे प्रीति का कॉल आया। तब पता चला कि उसने सिल्वर मेडल जीत लिया है। यह सुनकर बहुत खुशी हुई। वजह यह है कि किसी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हासिल किया प्रीति का यह पहला पदक है।

प्रीति के पिता दीपक रजक की ड्राई क्लीन शॉप और मां ज्योत्सना रजक सोशल वर्कर हैं। बड़ी बहन शैफाली भी इंटरनेशनल शॉटगन शूटर है। अब प्रीति ने फिनलैंड में सिल्वर हासिल किया है। मां ज्योत्सना रजक के मुताबिक बेटियों के सपने को समझना जरूरी है। हमें उम्मीद थी प्रीति कुछ न कुछ जरूर हासिल करेगी। शाम लगभग 7.30 बजे प्रीति का कॉल आया। तब पता चला कि उसने सिल्वर मेडल जीत लिया है। यह सुनकर बहुत खुशी हुई। वजह यह है कि किसी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हासिल किया प्रीति का यह पहला पदक है।