श्रद्धालुओं से जुड़े विषय पर चर्चा से पहले कमेटी सदस्य चलते बने

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दमोह – श्री जागेश्वर धाम बांदकपुर मंदिर में बड़ी संख्या मे भक्तों श्रद्धालुओं का निरंतर तांता लगा रहता है यहाँ आने वाले यात्रियों को होने वाली परेशानी को लेकर भक्तों ने एक बार पुनः मंदिर कमेटी की बैठक में ज्ञापन दिया। लेकिन पहले तो ज्ञापन लेने में कमेटी के सदस्यों ने आनाकानी की लेकिन शिव भक्तों के बार-बार अनुरोध पर देर से ज्ञापन ले लिया लेकिन घंटों प्रतीक्षा के बाद भी शिव भक्तों को जानकारी देने बुलाया नहीं गया फ़िर जब कमेटी सदस्य बैठक के बाद जाने लगे तब उपस्थित शिवभक्तों ने पुनः अनुरोध किया तब किसी प्रकार कुछ सदस्यों ने बात करने को राजी हुये। बताया जाता है कि बांदकपुर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विषय में कमेटी सदस्यों ने ज्यादा रुचि नही दिखाई। जिन सदस्यों ने बात की उनका कहना था कि सब कार्य हो रहा है ,क्या हम लोग खाली बैठे हैं, आपको बाद में बता देंगे जैसी भाषा का प्रयोग करके बात को टालते नजर आये। आवेदकों ने बताया कि कमेटी अध्यक्ष सुरेश मेहता एवं अनुराग श्रीवास्तव पंकज श्रीवास्तव तो श्रद्धालुओं से जुड़ी बात पर कुछ सुनने को तैयार ही नहीं थे बाकी सदस्य चुप रहे।
शिव भक्तों ने मंदिर कमेटी से गौशाला में हो रही गाय की मौतों का प्रश्न किया साथ ही कहा कि गोवर्धन पर्वत पर जो गायों को अव्यवस्था व दुर्घटना में घायल गाय के संबंध में कार्यालय और कमेटी सदस्यों को जानकारी देने के बाद भी मंदिर द्वारा पशुवाहन से नहीं उठाया जाता अगले दिन जब पशुवाहन से उठाया तव तक गौशाला आते समय गाय मर गई उसकी जिम्मेदारी किसकी है? सांसद द्वारा पशु वाहन दिया गया तो मंदिर कमेटी और कार्यालय उसका उपयोग समय पर क्यों नहीं कर रहा।
गोवर्धन पर्वत के आसपास भी मंदिर का कचरा डाला जा रहा है जिस पर प्रबंधक ने कहा कि वही कचरा फेंका जाएगा।
बाकी सदस्य उक्त विषय पर भागते दिखे आवेदन की पावती देने से मना किया गया। शिव भक्तों से कहा गया आपको जिससे कहना है कह देना।
बुधवार को बांदकपुर धाम के विकास को लेकर हुई विधायक कलेक्टर की बैठक मैं भी मंदिर कमेटी के अनेक सदस्यों की अनुपस्थिति रही। केवल एक सदस्य आया पूछने पर विधायक कलेक्टर द्वारा सूचना न देने की बात कमेटी सदस्यों ने कही । ज्ञापन देने वालों में राम गौतम, राजन असाटी ,आशय दुबे ,नरेंद्र राठौर, राघव चौबे, विकास नामदेव ,गोलू चौबे की उपस्थिति रही।