सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहे निर्दलीय विधायकों के तेवर

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भोपाल
कर्नाटक में गहराते राजनीतिक संकट के बाद मप्र में भी सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय समेत अन्य दलों के विधायक अब मुखर होने लगे हैं। कुछ विधायक खुलकर बोलने लगे हैं तो कुछ दबी जुबान से सरकार से समर्थन वापसी की बात कर रहे हैं। इन विधायकों ने एक बार फिर सरकार की परेशानी बढ़ा दी है। इन विधायकों की नारजगी के बीच विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार और खराब कानून व्यवस्था का हवाला देकर बर्खास्तगी की मांग शुरू कर दी है।

विधानसभा सत्र के दौरान बसपा, सपा और निर्दलीय विधायक रोज बयानवाजी कर रहे हैं। इनमें कांग्रेस के विधायक एवं जय आदिवासी संगठन के संयोजक डॉ हिरा अलावा भी शामिल हैं। जबकि बसपा विधायक रामबाई ने फिर से मंत्री बनने की इच्छा जाहिर कर दी है। इसी तरह बसपा के ही दूसरे विधायक संजीव सिंह कुशवाह भी मंत्रियों पर अनसुनी के आरोप लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा ने कमलनाथ सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। शेरा अपनी बयानवाजी को लेकर इन दिनों राजनीतिक गलियारों में सुर्खियों में बने हुए हैं। हालांकि शेरा भी मंत्री बनने वालों की सूची में शामिल हैं। अन्य निर्दलीय विधायक राजीव शुक्ला और केदार डाबर भी दबी जुवान से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इन विधायकों की बयानाबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब कर्नाटक और गोवा में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद मप्र में सियासत गरमाई हुई है। पिछले दिनों भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह कहकर हलचल पैदा कर दी थी कि गोवा से उठा मानसून मप्र में हलचल बढ़ाएगा। इसके बाद से निर्दलीय विधायकों के सुर बदले दिखाई दे रहे हैं।

विधायकों के अचानक बदले सुर

विधानसभा सत्र से पहले तक सभी निर्दलीय एवं सपा-बसपा के विधायक सरकार का खुलकर समर्थन करते हुए सुनाई दे रहे थे। लेकिन इसी सप्ताह से इन विधायकों के सुर बदल गए हैं। हालांकि कांग्रेस एवं भाजपा के विधायकों की अपेक्षा इन विधायकों की सरकार में ज्यादा सुनवाई हो रही है। एक निर्दलीय विधायक को लेकर चर्चा है कि उन्होंने सबसे ज्यादा अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए तबादलों की सिफारिश की है। इसके बावजूद भी यह विधायक अपने बयानों से सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। बसपा विधायक रामबाई ने पिछले दो दिनों के भीतर बयानवाजी कर एक बार फिर मंत्री बनने की इच्छा जाहिर कर दी है। बतौर रामबाई अब मंत्री नहीं बने तो फिर कब बनेंगे।

फिलहाल ये विधायक हैं सरकार के साथ

कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं। जबकि 4 निर्दलीय विधायक हैं। इनमें से प्रदीप जायसवाल सरकार में खनिज मंत्री है। शेष तीन सुरेन्द्र सिंह शेरा, विक्रम सिंह राणा और केदार डाबर मंत्री बनने के इंतजार में है। मंत्री बनने के लिस सुरेंद्र सिंह सरकार पर दबाव बना रहे हैं। जबकि बसपा विधायक रामबाई और संजीव सिंह कुशवाह भी मंत्री बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक राजीव शुक्ला भी सरकार के साथ खड़े हैं। जबकि कांग्रेस के टिकट पर पहली बार चुनकर आए डॉ हिरालाल अलावा भी मंत्री बनने के लिए कई तरह से दबाव बना रहे हैं।