सरपंचों ने हड़प ली करोड़ों की सड़कें

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जिले की ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों के भ्रष्टाचार की किस से आए दिन सुर्खियां बने रहते हैं लेकिन यह किस्सा जब जिला पंचायत सीईओ की जांच के बाद सामने आया तो यह बड़ी बात है ऐसा पहली बार हुआ है कि बिना निर्माण की सीमेंट क्रांक्रीट की सड़क के 9 करोड़ के बड़े घोटाले को जिला पंचायत सीईओ द्वारा उजागर किया गया है गौरतलब है कि जिले की ग्राम पंचायतों में पंच परमेश्वर योजना के तहत सीमेंट क्रांक्रीट की सड़कों के निर्माण के मामले आये दिन सुर्खियां बने रहने के चलते उस दौरान तत्कालीन जिला पंचायत द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई थी जबकि जांच अधिकारी ने घोटाले की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसे बर्तमान जिला पंचायत सीईओ डां गिरीश कुमार मिश्रा ने इस मामले को गंभीरता से लेकर 9 करोड़ का घोटाला को उजागर किया है डां मिश्रा ने बताया कि सड़कों की जांच कराई गई है जिसमे ग्राम पंचायत बिना निर्माण किये या अधूरे निर्माण के बाबजूद करीब 9 करोड़ रुपये का यह बड़ा घोटाला सामने आया है।

सरपंचों द्वारा सबसे ज्यादा राशि हड़पने के मामले दमोह जनपद पंचायत में नजर आ रहे हैं जिनमें 24 ग्राम पंचायतों में कुल 3 करोड़ 36 लाख 67 हजार 859 रुपये के निर्माण कार्य शामिल है जिनमें मुख्य रूप से ग्राम पंचायत बरबांसा के कुल 12 कार्य, ग्राम पंचायत हिरदेपुर के 15 कार्य, ग्राम पंचायत लुहर्रा के 3 कार्य, ग्राम पंचायत खड़ेरा के 02 कार्य, ग्राम पंचायत मुड़ारी के 04 कार्य, ग्राम पंचायत जमुनिया हजारी के 02 कार्य, टिकरी पिपरिया मैं 05 कार्य ग्राम पंचायत दतला में 08 कार्य शामिल हैं।

जनपद पंचायत हटा की 25 ग्राम पंचायतों में 01 करोड़ 15 लाख 97 हजार 589 रुपये की सीसी सड़क के नाम पर हड़प लिए गए हैं जिनमें ग्राम पंचायत खमरगौर में 05 कार्य, ग्राम पंचायत देवरी व फतेहपुर में 6 -6 कार्य, ग्राम पंचायत शिवपुर में 05 कार्य, ग्राम पंचायत बछामा में 02 कार्य शामिल है।

इसी तरह जांच में पाया गया कि जनपद पंचायत बटियागढ़ की 11 ग्राम पंचायतों में 43 लाख 59 हजार 956 रुपये के निर्माण कार्य अधूरे या निर्माण ही नही किये गये जिनमें मुख्य रूप से ग्राम पंचायत बेलखेड़ी और पांड़ाझिर के 0 3-3 कार्य और ग्राम पंचायत शाहपुर के 02 कार्य शामिल है।

जनपद पंचायत पटेरा की 18 ग्राम पंचायतों के कुल 95 लाख 79हजार 77 रुपये के सीसी रोड निर्माण का घपला उजागर हुआ है जिसमें ग्राम पंचायत गाता में 23 कार्य, बमनी में 11, ग्राम पंचायत महूना और ग्राम पंचायत वनगांव में 6-6 कार्य, ग्राम पंचायत बिलगुआं में 10 कार्य शामिल हैं।

इसी तरह जबेरा जनपद पंचायत में 38 ग्राम पंचायतों में 1 करोड़ 25 लाख 20 हजार 592 रुपये की अधूरी सड़कें छोड़कर बिना निर्माण किये ही पैसा निकाल लिये जाने का मामला सामने आया है जिनमें ग्राम पंचायत नोहटा, पटी महाराज सिंह, सगौड़ी खुर्द, डूमर शामिल हैं।

जनपद पंचायत पथरिया की 29 ग्राम पंचायत में 1 करोड़ 12 लाख 57 हजार 400 रुपये का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है जिनमें ग्राम पंचायत सेमरा लोधी, मेहलवारा, सरखड़ी, बड़ागांव के साथ अन्य ग्राम पंचायतें शामिल है।

इसी तेंदूखेड़ा जनपद पंचायत की 14 ग्राम पंचायतों में 71 लाख 36 हजार 895 रुपये के निर्माण कर अधूरे पड़े हुए हैं जिनमें ग्राम पंचायत कोटखेड़ा, चंदना, बेलढाना आदि के कार्य शामिल है।

जिला पंचायत सीईओ डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने बताया कि पंच परमेश्वर योजना, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज व विकास योजना के तहत ऐसे कार्य जिन की राशि का आहरण कर लिया गया है लेकिन कार्य नहीं कराए गए हैं ऐसे सरपंचों को 1 माह का नोटिस दिया गया है कि 1 माह में निर्माण कार्य पूरा कर ले अन्यथा की दृष्टि में ऐसे सरपंच और सचिव के खिलाफ मध्य प्रदेश पंचायत राज व ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के अंतर्गत जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी साथ ही सचिव जिन्होंने गड़बड़ी की है उनकी सेवा समाप्ति की भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे सचिव को 1 माह का वक्त दिया गया है।