सरसों तेल का दीपक या जल ही नहीं, शनिवार को पीपल पर चढ़ाएं कच्चा दूध

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आपने बड़े बूढ़ों से पीपल के वृक्ष से मिलने वाले चमत्कारिक फायदों के बारे में तो सुना होगा और इसलिए वो शनिवार को पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दिया जलाने और जल चढ़ाने के लिए कहते हैं। यूं तो शनिवार का दिन भगवान शनिदेव और हनुमान जी को समर्पित माना गया है लेकिन इस दिन अन्य ग्रहों को शांत कराने के लिए भी प्रार्थना की जाती है। शनिवार को पीपल के पेड़ पर कच्चा दूध चढ़ाने के कई फायदे हैं, इस लेख के माध्यम से जानते हैं उन लाभ और पूजा करने की विधि के बारे में।

ग्रहों की शांति के लिए चढ़ाया जाता है कच्चा दूध
हर व्यक्ति के जीवन में ग्रह नक्षत्र काफी मायने रखते हैं। इनके शांत रहने से जीवन भी बिना कठिनाइयों के आगे बढ़ता है और व्यक्ति को तरक्की के रास्ते भी मिलते हैं। लेकिन यदि इन्हीं ग्रह नक्षत्रों की दिशा खराब है तो इंसान के जीवन की दशा अपने आप बिगड़ जाती है। आप इनकी स्थिति के बिगड़ने का इंतजार ना करें बल्कि इन्हें शांत रखने के लिए पूजा करें। आप राहु, केतु, पितृ दोष और शनि के प्रकोप से बचने के लिए शनिवार को पीपल के पेड़ पर दूध चढ़ाएं।

पढ़ें ये मंत्र
शनिवार के समय पूजा के दौरान आप पहले पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं। इसके बाद दूध चढ़ाकर सात बार परिक्रमा करें। फिर सूर्य देव, भोलेनाथ और पीपल की विधि से पूजा करें। जो जल आपने वृक्ष पर अर्पित किया उसे अपनी आंखों से स्पर्श कराएं और फिर 'पितृ देवाय नम:' मंत्र का जाप करें। राहु, केतु, शनि और पितृ दोष को शांत करने के लिए इस मंत्र का जाप चार बार करें।

अधिक लाभ पाने के लिए करें ये काम
इस बात का ख्याल रखें कि शनिदेव की तस्वीर या मूरत आप घर में ना रखें। इनकी पूजा करने के लिए आप मन में ही उनका ध्यान कर लें या फिर मंदिर जाकर उनका आशीर्वाद लें। शनिवार के दिन शनि देव के मंदिर जाकर सरसों के तेल से दीप जलाने से कृपा बरसती है। इस दिन हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का पाठ भी अवश्य पढ़ें।