सातवें दिन खत्म हुआ बैलाडिला में आदिवासियों का आंदोलन

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दंतेवाड़ा
 फर्जी ग्राम सभाओं की जांच के आश्वासन और नदीराज पर्वत से माइनिंग के लिए पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध के सरकार के निर्देश के बाद गुरुवार को आदिवासियों का आंदोलन खत्म हो गया। दो दिनों पहले बस्तर के प्रतिनिधि मंडल ने सांसद दीपक बैज के नेतृत्व में सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात की थी। इस दौरान सीएम ने फर्जी ग्राम सभाओं की जांच और पड़ों की कटाई पर रोक के निर्देश दिए थे।

इसके बाद भी आदिवासी इस बात को लेकर धरने पर बैठे हुए थे कि ग्राम सभाओं की जांच के लिए तय की गई समय सीमा कम की जाए। बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से आंदोलन को खत्म करने का अल्टीमेटम जारी किया गया था।

इसके बाद गुरुवार की दोपहर आदिवासियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। आंदोलन समाप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से आदिवासियों को वापस उनके घर भेजने के लिए वाहन की व्यवस्था भी की गई।

दंतेवाड़ा में बैलाडिला की पहाड़ी पर स्थित नंदीराज पर्वत को स्थानीय आदिवासी अपना देव स्थल मानते हैं। लौह अयस्क से भरे इस क्षेत्र में एनएमडीसी ने अदानी गु्रप को खनन ठेकेदार के रूप में लाइसेंस प्रदान किया था।

इसके बाद आदिवासी लामबंद होकर आंदोलन की राह पर निकल पड़े थे। सातवें दिन आदिवासियों का यह आंदोलन समाप्त हुआ। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि उनकी सरकार उद्योगपतियों नहीं, बल्कि आदिवासियों के साथ हर मोर्चे पर खड़ी है।

'सुबह से आंदोलन खत्म करने की सूचनाएं आ रही थीं। कुछ जनप्रतिनिधियों ने फोन पर सलाह- मशवरा भी किया। दोपहर को आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने आंदोलन को समाप्त किए जाने की लिखित सूचना दी है।' – नूतन कंवर, एसडीएम, दंतेवाड़ा