18 पूर्व मंत्री और 32 IAS-IPS पर लोकायुक्त में मामला दर्ज, पेश कराएं चालान

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भोपाल
प्रदेश के 18 पूर्व मंत्री, 32 आइएएस, आइपीएस और 8 आइएफएस अधिकारियों पर लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज है, पूर्व भाजपा सरकार ने इनका चालान पेशन नहीं होने दिया। इनका चालान पेश करवाया जाए। कांग्रेस विधायक राजवद्र्धन सिंह ने यह मांग सामान्य बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कही।

उन्होंने ये भी कहा कि व्यापमं घोटाले के मामले में तत्कालीन डीजीपी और वर्तमान सीबीआई चीफ ऋषि कुमार शुक्ला, व्यापमं के पूर्व चेयरमेन अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव का सदन में बयान दर्ज कराया जाए। व्यापमं के माध्यम से पिछली सरकार में कौन-कौन सी भर्तियां परीक्षाएं हुई हैं, इसकी नए सिरे से जांच कराई जाए, जिससे दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में पचास हजार करोड़ रुपए की ई-टेंडरिंग की गई है, इसमें करीब 15 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है, इसकी भी सरकार को जांच करनी चाहिए। वहीं गिरीश गौतम ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कि इस सरकार ने तो ट्रांसफर उद्योग के चलते कर्मचारियों, अधिकारियों के अलावा सरपंचों का भी ट्रांसफर आदेश कर डाला।

साइबर क्राइम अंकुश लाए सरकार

भाजपा विधायक सीता सरन शर्मा ने कहा कि प्रदेश में साइबर क्राइम बढ़ रहा है, इस पर सरकार अंकुश लगाने का प्रयास करे। धारा 66-ए हटाने की बजह से साइबर क्राइम हो रहा है। इस पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटीशन लगाना चाहिए।

वहीं विधायक संजीव सिंह ने कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन करने वाले वाहनों को राजसात करने का भी सरकार प्रावधान करे। यह देख जाता है कि अगर हत्या का आरोपी और रेत का अवैध ट्रक दोनों एक साथ जा रहे हो तो पुलिस हत्या के आरोपी को छोड़कर अवैध रेत ले जाने वाले ट्रक के पीछे भागती है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी पुलिसिंग व्यवस्था छोड़कर बाकी के सरे काम कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने की आपत्ति, क्यों नहीं है विभागों के अधिकारी

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने समान्य बजट की चर्चा दौरान यह आपत्ति की सदन में मात्र वित्त विभाग के अधिकारी ही मौजूद हैं, जबकि सभी विभागों के बजट से संबंधित चर्चा की जा रही है। अध्यक्ष इस विषय पर गंभीरता से विचार करें। अध्यक्ष एनपी प्रजापति नाराजगी जाहिर करते हुए संसदीय कार्यमंत्री डॉ. गोविंद सिंह से कहा कि इस संबंध में निर्देश जारी करें, जिससे की विधानसभा की गरिमा बनी रहे।

डॉ. गोविंद सिंह ने सदन में ही इस बात का अश्वासन दिया कि वे सीएस को निर्देश देंगे कि सभी विभागों के अध्यक्ष और पीएस सामान्य बजट की चर्चा में मौजूद रहें।